बड़गाईं जमीन मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय, 17 आरोपियों पर चलेगा ट्रायल

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित जमीन फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष पीएमएलए अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। इसके साथ ही मामले में हेमंत सोरेन समेत कुल 17 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे पहले 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित किए जा चुके थे। हालिया सुनवाई से पहले अदालत ने 30 सितंबर को आरोप तय करने की कार्यवाही निर्धारित की थी।

आरोप गठन के समय हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए। अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया। सोरेन ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।

मामला रांची के बड़गाईं अंचल में स्थित करीब 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन पर कथित अवैध कब्जे से जुड़े पहलुओं की जांच की गई है। ईडी ने इस मामले को धन शोधन से भी जोड़ा है। ईडी ने अप्रैल 2024 में इस जमीन को लेकर अभियोजन शिकायत दाखिल की थी और जमीन की कीमत करीब 31.07 करोड़ रुपये आंकी थी।

मामले में भानु प्रताप प्रसाद, अंतू तिर्की, विनोद कुमार सिंह, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरशाद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं।

आरोप गठन के बाद अब मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। आरोप तय होना किसी आरोपी के दोषी साबित होने के समान नहीं है। ट्रायल के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष को अपने-अपने साक्ष्य और दलीलें रखने का अवसर मिलेगा। अंतिम दोषसिद्धि या बरी होने का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा।

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