अमेरिकी रक्षा सचिव ने वरिष्ठ जनरल को पद से हटाया
वाशिंगटन। अमेरिका में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर हलचल तेज होने के बीच रक्षा विभाग ने सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को उनके पद से हटा दिया है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ में रणनीति, योजना और नीति से जुड़े महत्वपूर्ण पद से मुक्त कर दिया है। हालांकि, इस फैसले के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। फिलहाल उनकी जगह किसी अन्य अधिकारी की नियुक्ति भी नहीं की गई है।
32 साल तक सेना में दी सेवाएं, अचानक हटाए जाने से उठे सवाल
लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया ने अमेरिकी सेना में करीब 32 वर्षों तक सेवाएं दी हैं। जॉइंट स्टाफ के प्रवक्ता ने उनके योगदान की सराहना करते हुए सिल्विया और उनके परिवार के प्रति आभार जताया है। इसके बावजूद उन्हें पद से हटाने के कारणों पर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई।
सिल्विया से पहले इस पद की जिम्मेदारी संभालने वाले लेफ्टिनेंट जनरल जोसेफ मैक्गी को भी पिछले साल अक्टूबर में सेवानिवृत्त होना पड़ा था। सिल्विया को पद से हटाए जाने की खबर सबसे पहले अमेरिकी समाचार पत्र द अटलांटिक ने प्रकाशित की थी।
ईरान के खिलाफ नए हमले की तैयारी के बीच फैसला
अमेरिकी सेना में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियान की संभावना पर विचार कर रहे हैं। इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से ट्रंप कई बार ईरान के खिलाफ अभियान को पूरा करने की बात कह चुके हैं।
उन्होंने यह संकेत भी दिया है कि मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है।
मध्य पूर्व में बढ़ाई जा रही सैन्य तैयारियां
ईरान के साथ संभावित टकराव को देखते हुए मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरें भी सामने आ रही हैं। मामले से परिचित दो राजनयिकों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने क्षेत्र के कई देशों और सहयोगियों को संभावित सैन्य कार्रवाई के मद्देनजर तैयार रहने को कहा है।
इसके साथ ही ईरान की ओर से संभावित जवाबी हमलों को लेकर भी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इस बीच, अमेरिका का तीसरा विमानवाहक पोत और हजारों अतिरिक्त सैनिक भी मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं। इन गतिविधियों के बीच अमेरिकी सैन्य नेतृत्व में किए गए बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अमेरिकी सैन्य रणनीति तैयार करने में अहम थी सिल्विया की भूमिका
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ का जे-5 विभाग अमेरिकी सेना की दीर्घकालिक रणनीति, सैन्य योजनाओं और नीतिगत प्राथमिकताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह विभाग संभावित सैन्य अभियानों की योजना बनाने के साथ-साथ शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम भी करता है।
ब्रेट सिल्विया इस महत्वपूर्ण विभाग में तैनात थे। इससे पहले वह केंटकी स्थित फोर्ट कैंपबेल में 101वीं एयरबोर्न डिवीजन के कमांडर के रूप में जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इसके अलावा वह जे-5 विभाग के उपनिदेशक के पद पर भी काम कर चुके हैं।
हेगसेथ के कार्यकाल में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों पर गिरी गाज
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के कार्यकाल में अमेरिकी सेना के वरिष्ठ नेतृत्व में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। अब तक करीब दो दर्जन जनरल, एडमिरल और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी अपने पद छोड़ चुके हैं या उन्हें पद से हटाया गया है। इनमें सेना और नौसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इनमें से अधिकांश मामलों में पेंटागन की ओर से फैसलों के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की गई। पिछले महीने हेगसेथ ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के पदों में कटौती की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश भी दिया था।
योजना के तहत एक जनवरी 2027 तक जनरल और फ्लैग ऑफिसर स्तर के पदों की संख्या में 20 प्रतिशत तक कमी करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल इस श्रेणी में करीब 800 पद बताए जाते हैं। हेगसेथ का तर्क है कि इस कदम से सैन्य व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और नेतृत्व को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
कांग्रेस के नेताओं ने जताई चिंता
अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार हटाए जाने के फैसलों पर कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने सवाल उठाए हैं। आलोचकों का मानना है कि अनुभवी सैन्य अधिकारियों को हटाने से सेना के नेतृत्व और संस्थागत अनुभव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सीनेटर मार्क केली ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अमेरिकी सेना अपने अनुभवी और प्रतिभाशाली अधिकारियों की एक पूरी पीढ़ी खोने का जोखिम उठा सकती है। ऐसे नुकसान की भरपाई करना आसान नहीं होगा और इसके लिए लंबे समय की आवश्यकता पड़ सकती है।
फिलहाल ब्रेट सिल्विया को हटाए जाने के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में ईरान को लेकर बढ़ती सैन्य गतिविधियों और अमेरिकी सेना में लगातार हो रहे बदलावों के बीच इस फैसले पर नजर बनी हुई है।